नया ताजा

पसंदीदा आलेख

आगामी कार्यक्रम

खासम-खास

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

Submitted by HindiWater on Sat, 11/02/2019 - 15:59
Source:
पाञ्चजन्य, 6 अक्तूबर 2019
मोटे अनाज के बड़े फायदे
मोटे अनाज को पैदा करने के लिए कम मेहनत और कम पानी की जरूरत होती है। इसलिए सरकार इन्हें बढ़ावा दे रही है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने 2018 को मोटे अनाज का वर्ष घोषित किया था। अब कुछ मोटे अनाजों के गुणों के बारे में जानें
Submitted by HindiWater on Sat, 11/02/2019 - 12:17
Source:
राजस्थान पत्रिका, 02 नवंबर 2019
मेघालय का मावल्यन्नोंग है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव
मेघालय में डाॅकी नदी से करीब 39 किलोमीटर की दूरी पर है, मावल्यन्नोंग गांव। यह वह गांव है, जिसे ‘एशिया के स्वच्छतम गांव’ का तमगा मिला हुआ है। स्वच्छ भारत अभियान की देश में शुरुआत से कहीं पहले यहां स्वच्छता को मिशन के तौर पर लागू किया गया था।
Submitted by HindiWater on Sat, 11/02/2019 - 10:57
Source:
राजस्थान पत्रिका, 02 नवंबर 2019
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव सीके मिश्रा।
पर्यावरण और प्रदूषण से संबंधित मुद्दे इन दिनों सबसे अधिक चर्चा में है। इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव सीके मिश्रा के साथ मुकेश केजरीवाल की बातचीत। तो वहीं, दिल्ली से हरियाणा-राजस्थान होते हुए गुजरात तक प्रस्तावित ग्रीन वाॅल ऑफ़ इंडिया पर भी पहली बार बोले भारत सरकार के शीर्ष अधिकारी। 1400 किलोमीटर लंबे इस हरित गलियारे से प्रदूषण रुकेगा, पानी की दूर होगी और पर्यटन व रोजगार भी पैदा होगा।

प्रयास

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
Source:
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।
Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
Source:
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 
Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
Source:
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Latest

खासम-खास

जल संकट के आईने में समाधान की खोज  

Submitted by HindiWater on Mon, 04/20/2020 - 11:45
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
जल संकट के आईने में समाधान की खोज  
पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वह कहीं कम है तो कहीं अधिक। कहीं वह ग्रीष्मकालीन खेती के लिए है तो कहीं वह आने वाले दिनों में पेयजल की आपूर्ति के लिए है, तो कहीं-कहीं उद्योग-धन्धों के लिए कठिनाई का सबब है। पर्यावरणविदों के लिए वह नदियों के ग्रीष्मकालीन प्रवाह या पर्यावरणीय प्रवाह और जैवविविधता का संकट है।

Content

मोटे अनाज के बड़े फायदे

Submitted by HindiWater on Sat, 11/02/2019 - 15:59
Source
पाञ्चजन्य, 6 अक्तूबर 2019
मोटे अनाज के बड़े फायदे
मोटे अनाज को पैदा करने के लिए कम मेहनत और कम पानी की जरूरत होती है। इसलिए सरकार इन्हें बढ़ावा दे रही है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने 2018 को मोटे अनाज का वर्ष घोषित किया था। अब कुछ मोटे अनाजों के गुणों के बारे में जानें

मेघालय का मावल्यन्नोंग है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव

Submitted by HindiWater on Sat, 11/02/2019 - 12:17
Source
राजस्थान पत्रिका, 02 नवंबर 2019
मेघालय का मावल्यन्नोंग है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव
मेघालय में डाॅकी नदी से करीब 39 किलोमीटर की दूरी पर है, मावल्यन्नोंग गांव। यह वह गांव है, जिसे ‘एशिया के स्वच्छतम गांव’ का तमगा मिला हुआ है। स्वच्छ भारत अभियान की देश में शुरुआत से कहीं पहले यहां स्वच्छता को मिशन के तौर पर लागू किया गया था।

पहले विकल्प लाएंगे, फिर प्लास्टिक पर प्रतिबंध - केंद्रीय पर्यावरण सचिव

Submitted by HindiWater on Sat, 11/02/2019 - 10:57
Source
राजस्थान पत्रिका, 02 नवंबर 2019
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव सीके मिश्रा।
पर्यावरण और प्रदूषण से संबंधित मुद्दे इन दिनों सबसे अधिक चर्चा में है। इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव सीके मिश्रा के साथ मुकेश केजरीवाल की बातचीत। तो वहीं, दिल्ली से हरियाणा-राजस्थान होते हुए गुजरात तक प्रस्तावित ग्रीन वाॅल ऑफ़ इंडिया पर भी पहली बार बोले भारत सरकार के शीर्ष अधिकारी। 1400 किलोमीटर लंबे इस हरित गलियारे से प्रदूषण रुकेगा, पानी की दूर होगी और पर्यटन व रोजगार भी पैदा होगा।

प्रयास

लॉकडाउन के दौरान ही 15 से ज्यादा चाल-खालों का निर्माण कर चुके हैं चंदन नयाल

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/20/2020 - 13:48
Author
केसर सिंह
lockdown-kay-dauran-hee-15-sey-jyada-chaal-khalon-kaa-nirman
चंदन नयाल के बनाए चाल-खाल
चंदन सिंह नयाल छह साल से पर्यावरण संरक्षण के काम कर रहे हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोतों को रिचार्ज करने के मकसद से वह अब तक 100 से ज्यादा चाल खाल बना चुके हैं। लॉकडाउन का सदुपयोग कर उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में 15 चाल-खाल बनाए हैं। नयाल ने बताया कि उनका मकसद बरसात से पहले जल संचय करने का है ताकि पानी की कमी न होने पाए। हम प्रयास करते हैं कि ऐसे चाल-खाल बनाए जाएं जिनमें पांच हजार से 10 हजार लीटर पानी जमा हो सके।

नोटिस बोर्ड

वेबिनारः कोरोना संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 15:04
corona-and-lockdown-in-context-of-himalayas
वेबिनारः कोरोनार संकट और लाॅकडाउन हिमालय के परिप्रेक्ष में 
कोरोना संकट और लॉकडाउन को हिमालय क्षेत्र के परिप्रेक्ष में समझने के लिए 21 मई, गुरुवार 4 बजे हमारे पेज Endangered Himalaya में इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक के साथ लाइव बातचीत में जुड़ें।  आप Zoom में https://bit.ly/2zmjhHs लिंक में पंजीकरण करके भी जुड़ सकते हैं। इसका आयोजन हिम धारा और रिवाइटललाइज़िग रेनफेड एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है।

‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार

Submitted by HindiWater on Tue, 05/19/2020 - 14:52
WASH-for-healthy-homes-india
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ पर वेबिनार
‘‘वाॅश फाॅर हेल्थी होम्स-भारत’’ विषय पर सहगल फाउंडेशन और सीएडब्ल्यूएसटी ऑनलाइन वर्कशाप का आयोजन करने जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य वाॅश के प्रति लोगों को जागरुक करना और प्रेरित करना है। ये वेबिनार निन्मलिखित विषयों से संबंधित रहेगा - 

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि

Submitted by UrbanWater on Wed, 05/13/2020 - 11:11
participateepaintingwinaward
Source
पंकज मालवीय अक्षधा फाउंडेशन
पानी रे पानी
विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून 2020

ई-चित्रकला व गृह सज्जा प्रतियोगिता में भाग लें और जीते ₹ 1,51,000 पुरस्कार राशि |
प्रविष्टि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि – 30 मई 2020
ई-प्रतियोगिता की तिथि – 5 जून 2020,
समय 10 बजे प्रात: से 4 बजे तक

Upcoming Event

Popular Articles