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खासम-खास

Submitted by Editorial Team on Mon, 05/09/2022 - 12:20
कूरम में पुनर्निर्मित समथमन मंदिर तालाब। फोटो - indiawaterportal.org
नीति आयोग के सन 2018 के अनुमान के अनुसार 60 करोड़ लोग शुद्ध पेयजल की गंभीर से अतिगंभीर कमी से ग्रसित हैं और हर साल लगभग दो लाख लोगों की अकाल मृत्यु, शुद्ध पानी की अनुपलब्धता के कारण होती है। नीति आयोग के अनुसार सन 2030 तक भारत की पानी की मांग के दो गुना होने का अनुमान है। नीति आयोग के इन अनुमानों और जमीनी हकीकत को ध्यान में रख सरकारों ने शुद्ध पानी पर अनेक योजनाओं पर काम प्रारंभ किया है। इसी कड़ी में पिछले दिनों, प्रधानमंत्री जी ने,

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Submitted by admin on Wed, 01/28/2009 - 18:50
Source:
सुनीता नारायण


नई दिल्ली जनवरी 28, 2009 : भागीरथी बचाओ संकल्प के तत्वावधान में आज यहाँ गाँधी दर्शन के प्रांगण में एक आम सभा का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित देश के तत्कालीन रजवाडों के वंशजों ने यह प्रण किया कि वे एकजुट होकर सरकार को बाध्य करेंगे कि गंगा की अस्मिता और उसके राष्ट्रीय नदी के स्वरूप को बनाकर रखेगें।

Submitted by admin on Thu, 01/22/2009 - 18:29
Source:
G D Agrawal

जीडी अग्रवाल
संजय तिवारी

Submitted by admin on Thu, 01/22/2009 - 07:45
Source:
प्रतिमत
हरीश चंदोला

प्रयास

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
। इससे मेवाड़ क्षेत्र के इस ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें  ब्रह्मा और धंध  में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में

नोटिस बोर्ड

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
Source:
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे
Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
Source:
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।
Submitted by Editorial Team on Mon, 03/21/2022 - 11:47
Source:
विश्व जल दिवस पर सेमिनार का आयोजन
आज जल संकट समूचे विश्व की गंभीर समस्या है। हालात इतने खराब हैं कि दुनिया के 37 देश पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। इनमें सिंगापुर, पश्चिमी सहारा, कतर, बहरीन, जमैका, सऊदी अरब और कुवैत समेत 19 देश ऐसे हैं जहां पानी की आपूर्ति मांग से बेहद कम है। दुख की बात यह है कि हमारा देश इन देशों से सिर्फ एक पायदान पीछे है। असलियत यह है कि दुनिया में पांच में से एक व्यक्ति की साफ पानी तक पहुंच ही नहीं है। यह सब सेवा एवं उद्योग क्षेत्र से योगदान बढ़ने के कारण घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में पानी की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी का नतीजा है। यह विचार आज विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में एनवायरमेंट सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन दिल्ली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, गाजियाबाद के सभागार में ग्लोबल वाटर कांग्रेस के तकनीकी सत्र के दौरान वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र रावत ने व्यक्त किये।

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खासम-खास

आजादी के 75 साल की सौगात: अमृत सरोवर योजना

Submitted by Editorial Team on Mon, 05/09/2022 - 12:20
Author
कृष्ण गोपाल 'व्यास’
azadi-ke-75-saal-ki-saugat:-amrit-sarovar-yojana
 कूरम में पुनर्निर्मित समथमन मंदिर तालाब। फोटो - indiawaterportal.org
नीति आयोग के सन 2018 के अनुमान के अनुसार 60 करोड़ लोग शुद्ध पेयजल की गंभीर से अतिगंभीर कमी से ग्रसित हैं और हर साल लगभग दो लाख लोगों की अकाल मृत्यु, शुद्ध पानी की अनुपलब्धता के कारण होती है। नीति आयोग के अनुसार सन 2030 तक भारत की पानी की मांग के दो गुना होने का अनुमान है। नीति आयोग के इन अनुमानों और जमीनी हकीकत को ध्यान में रख सरकारों ने शुद्ध पानी पर अनेक योजनाओं पर काम प्रारंभ किया है। इसी कड़ी में पिछले दिनों, प्रधानमंत्री जी ने,

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नदी के अस्तित्व की चिंता जरूरी

Submitted by admin on Wed, 01/28/2009 - 18:50
Author
संपादक

सुनीता नारायण


नई दिल्ली जनवरी 28, 2009 : भागीरथी बचाओ संकल्प के तत्वावधान में आज यहाँ गाँधी दर्शन के प्रांगण में एक आम सभा का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित देश के तत्कालीन रजवाडों के वंशजों ने यह प्रण किया कि वे एकजुट होकर सरकार को बाध्य करेंगे कि गंगा की अस्मिता और उसके राष्ट्रीय नदी के स्वरूप को बनाकर रखेगें।

प्रयास

उदयपुर के इस गांव को वेटलैंड घोषित किया जाना तय

Submitted by Shivendra on Fri, 07/01/2022 - 13:28
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राजस्थान के उदयपुर जिले के मेनार गांव में धंध झील में पक्षियों का झुंड
। इससे मेवाड़ क्षेत्र के इस ग्रामीण क्षेत्र को रामसर स्थल का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। गाँव की दो झीलें  ब्रह्मा और धंध  में हर साल सर्दियों के मौसम में बड़ी संख्या में

नोटिस बोर्ड

भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित

Submitted by Shivendra on Fri, 06/10/2022 - 10:20
bhoojal-sanrakshan-ke-kshetra-men-karya-karne-valo-ke-liye-up-sarkar-ne-manga-avedan
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वालो को यूपी सरकार करेगी सम्मानित
भूजल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्था या व्यक्ति को उत्तर प्रदेश की सरकार सम्मानित करने जा रही है । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रथम राज्य भूजल पुरस्कार की घोषणा की है इस पुरस्कार के लिए हर जिले से आवेदन मांगे

स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता व्यवहार में परिवर्तन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

Submitted by Shivendra on Tue, 04/26/2022 - 15:43
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तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला
भारत  और CAWST, कनाडा साथ मिलकर ‘स्वस्थ जीवन के लिए घरेलू जल उपचार और स्वच्छता (WASH) व्यवहार में परिवर्तन’ विषय पर  18 से 20 मई तक गुरुग्राम, हरियाणा  में  तीन-दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं।

विश्व जल दिवस पर सेमिनार का आयोजन : वक्ताओं ने वर्षा जल संचयन समय की मांग बताया

Submitted by Editorial Team on Mon, 03/21/2022 - 11:47
विश्व जल दिवस पर सेमिनार का आयोजन
आज जल संकट समूचे विश्व की गंभीर समस्या है। हालात इतने खराब हैं कि दुनिया के 37 देश पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। इनमें सिंगापुर, पश्चिमी सहारा, कतर, बहरीन, जमैका, सऊदी अरब और कुवैत समेत 19 देश ऐसे हैं जहां पानी की आपूर्ति मांग से बेहद कम है। दुख की बात यह है कि हमारा देश इन देशों से सिर्फ एक पायदान पीछे है। असलियत यह है कि दुनिया में पांच में से एक व्यक्ति की साफ पानी तक पहुंच ही नहीं है। यह सब सेवा एवं उद्योग क्षेत्र से योगदान बढ़ने के कारण घरेलू और औद्योगिक क्षेत्र में पानी की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी का नतीजा है। यह विचार आज विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में एनवायरमेंट सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन दिल्ली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, गाजियाबाद के सभागार में ग्लोबल वाटर कांग्रेस के तकनीकी सत्र के दौरान वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र रावत ने व्यक्त किये।

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